तारों का निर्माण

प्रारंभिक ब्रह्माण्ड में ऊर्जा व पदार्थो का वितरण असमान था  और इसी भिन्नता व  गुरूत्वाकर्षण बल के कारण पदार्थो का एकत्रण होने लगा,  आकाशगंगा के निर्माण को आधार मिला| आकाशगंगा  निर्माण की शुरुआत हाइड्रोजन (H2) गैस से बानी बादलो के संचरण से  होती है| इस प्रकार के पर्दाथो को निहारिका कहा जाता है| निहारिका में प्रसरण से गैसों के झुण्ड विकसित हुए, जिसमे गुरुत्वाकर्षण बल के परिणाम स्वरूप ही तारों का निर्माण प्रारम्भ हुआ| वास्तव में  हाइड्रोजन (H2) गैस के झुण्ड बढ़ते बढ़ते बड़े पिंड बने अथवा गुरुत्वाकर्षण में टकराव के कारण तारों का निर्माण हुआ|

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